मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा सांकेतिक भाषा सप्ताह (बधिर सप्ताह) के अवसर पर नालसा शिक्षा योजना 2026 के अंतर्गत विशेष विधिक जागरूकता-सह-मार्गदर्शन कार्यक्रम ‘अनुगूँज से उद्घोष’ का आयोजन किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार, जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी के ए.डी.आर. कॉन्फ्रेंस हॉल से ऑनलाइन सीधा प्रसारण किया गया।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी प्रयागलाल दिनकर के मार्गदर्शन में प्रातः 11 बजे से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में जिले के श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से उपस्थित होकर ऑनलाइन सहभागिता की। कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
कार्यशाला में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत प्राप्त अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, हेल्पलाइन एवं ‘सांकेत वाणी’ एंड्रॉइड ऐप की जानकारी दी गई। इसके साथ ही भावनात्मक कल्याण एवं तनाव प्रबंधन, कला एवं सृजनात्मक क्षेत्रों में अवसर, अभिभावकों के अनुभव, करियर मार्गदर्शन, शासकीय योजनाओं, छात्रवृत्ति एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला में बालकों के विरुद्ध हिंसा एवं शोषण की रोकथाम, सांकेतिक भाषा के माध्यम से समूह गतिविधियां, डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को उनके कानूनी अधिकारों, शैक्षिक एवं रोजगार संबंधी अवसरों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा शिकायत निवारण तंत्रों के संबंध में सुलभ जानकारी उपलब्ध कराई गई।
विशेष सत्र में न्यायमूर्तियों ने किया संबोधित
सायंकालीन विशेष सत्र में मुख्य न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे, मुख्य संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधीश एवं कार्यकारी अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित किया।
इस अवसर पर ‘स्वयंसिद्धः साक्षरता से आत्मनिर्भरता’ पाठ्यक्रम का शुभारंभ तथा ‘मेरी आवाज सुनो’ वीडियो का विमोचन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सेवाओं, शासकीय कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा एवं रोजगार संबंधी अधिकारों तथा शिकायत निवारण तंत्रों की सुलभ जानकारी उपलब्ध कराना था। साथ ही प्रतिभागियों की कानूनी आवश्यकताओं और समस्याओं की पहचान कर उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं अनुवर्ती सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में जिला न्यायालय सीधी के समस्त न्यायाधीशगण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी, सहायक संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के रिसोर्स पर्सन, समस्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।

