जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर सेंटर भवन में वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश प्रयाग लाल दिनकर, न्यायिक अधिकारियों, वन मंडलाधिकारी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विभिन्न वन अपराधों के प्रकरण तैयार करने, उनकी विवेचना करने तथा न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की बारीकियों से वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को अवगत कराना रहा। इसमें अवैध कटाई, अवैध परिवहन, अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण, अवैध खनन तथा वन्यजीवों के शिकार एवं उनके अंगों के अवैध व्यापार से संबंधित प्रकरणों पर जानकारी दी गई।
प्रधान जिला न्यायाधीश प्रयाग लाल दिनकर ने कहा कि वन अपराधों के प्रकरणों में छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण अभियुक्तों को लाभ मिल सकता है। इसलिए प्रथम सूचना रिपोर्ट से लेकर जप्ती पत्रक, पंचनामा, नजरी नक्शा तथा संबंधित धाराओं का सही उल्लेख अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वन्यजीव अपराधों में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों ने भारतीय वन अधिनियम एवं मध्यप्रदेश वन उपज नियमों के तहत अवैध कटाई एवं परिवहन के मामलों में कार्रवाई, अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण के मामलों में साक्ष्य संकलन, अवैध खनन के मामलों में राजस्व एवं वन विभाग के समन्वय तथा वन्यजीव शिकार के प्रकरणों में वैज्ञानिक साक्ष्यों के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रयाग लाल दिनकर, विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम यतीन्द्र कुमार गुरू, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय दीपक शर्मा, द्वितीय जिला न्यायाधीश मनीष कुमार श्रीवास्तव, प्रथम जिला न्यायाधीश राकेश कुमार सोनी, तृतीय जिला न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार शर्मा, प्रथम जिला न्यायाधीश सीधी के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश राकेश जमरा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार वर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट सरिता चौधरी, सोनू जैन, अर्पिता त्रिपाठी, धीरज आर्य, आकर्ष मिश्रा, जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक, प्रीती अहिरवार वन मंडल अधिकारी, संदीप गौतम उप वन मंडल अधिकारी, बादशाह रावत उप वन मंडल अधिकारी मझौली, जिला अभियोजन अधिकारी, रामराज सिंह सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सहित वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन रक्षक, वनपाल, वन विभाग के कर्मचारी एवं अभियोजन स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।

