किस्सा बैठकर पढ़ने का है। 12 सितंबर। शनिवार। जगह: दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, भोपाल। किताब का नाम शीट का: खाकी वर्दी का योद्धा। नायक: स्वर्गीय आईपीएस श्री विजय रमन। आयोजक: पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश।

बोलने वाले पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा। शीट के शब्द: ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, स्पष्टवादिता, नेतृत्व, टीम का सम्मान। किस्सा इन विशेषणों को नारा नहीं बनाती; पंक्ति रखती है।

जो दायित्व लिखे, जो नाम नहीं

सेवा-यात्रा शीट की सूची: चंबल में डकैत अभियान; बस्तर में नक्सल विरोधी; जम्मू-कश्मीर; बीएसएफ; विशेष सुरक्षा समूह में चार प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा; केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो। किस्सा पाँचवाँ मोर्चा नहीं जोड़ती। प्रधानमंत्रियों के नाम शीट नहीं देती।

पत्नी श्रीमती वीना रमन और परिवार ने संस्मरण सुनाए। मंच पर नामित: पूर्व डीजीपी श्री संतोष कुमार राउत, श्री सुरेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री पवन जैन, सेवानिवृत्त आईपीएस एवं पूर्व मंत्री श्री रुस्तम सिंह, विश्लेषक श्री गिरिजा शंकर। डीजीपी ने संग्रहालय की पांडुलिपियाँ देखीं। चित्र विमोचन का है। अभियान का मैदान इस कोण में नहीं।

मुख्य बातें

  • यह विमोचन संग्रहालय का है; चंबल-बस्तर की गिनती शीट नहीं खोलती।
  • चार प्रधानमंत्री एसपीजी वाली पंक्ति हैं, नाम इस पन्ने पर नहीं।
  • चित्र मंच का फ्रेम है, पांडुलिपि अलमारी की नाप नहीं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · ‘खाकी वर्दी का योद्धा’ पुस्तक का विमोचन ↗12 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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